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  विश्वनाथ धाम से देवी दुर्गा के प्रकृति संरक्षण संदेश का आह्वान

नमामि गंगे ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को किया जागरूक, मां दुर्गा की उपासना के साथ प्रकृति की रक्षा का दिया संदेश

जन जन की आवाज न्यूज़ 24 : वाराणसी 

 रिपोर्टर: विजय कुमार

वाराणसी। मां दुर्गा और भारतीय परंपरा में शक्ति की उपासना का प्रकृति, पर्यावरण और जीवन के संतुलन से गहरा संबंध है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम से नमामि गंगे की ओर से पर्यावरण संरक्षण का आह्वान किया गया। इस दौरान लोगों को प्रकृति की रक्षा करने, स्वच्छता अपनाने और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए जागरूक किया गया।

श्री काशी विश्वनाथ धाम में बाबा दरबार के भीतर स्थापित भारत माता की प्रतिमा के सम्मुख दुर्गा स्वरूपा माताओं और बहनों ने भगवती जगदंबा के प्रकृति संरक्षण के संदेश को अपनाने की अपील की। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि धार्मिक आस्था और भारतीय संस्कृति की परंपराएं हमें प्रकृति के प्रति संवेदनशील रहने तथा पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देती हैं।


नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि मां दुर्गा की पूजा और नवरात्र का पर्व हमें प्रकृति एवं पर्यावरण के संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश देता है। भारतीय संस्कृति में प्रकृति को विशेष स्थान दिया गया है। पेड़-पौधे, नदियां, वनस्पतियां और प्राकृतिक संसाधन मानव जीवन के आधार हैं। इसलिए इनकी रक्षा करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।

नवपत्रिका की परंपरा में छिपा है प्रकृति संरक्षण का संदेश

राजेश शुक्ला ने बताया कि दुर्गा पूजा के दौरान नौ प्रकार के पौधों और पत्तों से नवपत्रिका का निर्माण एवं पूजन किया जाता है। इनमें केला, कर्चुवी, हल्दी, जयंती, बिल्व, दाड़िम, अशोक, मान और धान शामिल हैं। यह परंपरा कृषि, वनस्पतियों और प्रकृति के पुनर्जीवन के महत्व को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों में प्रकृति से जुड़ी परंपराओं का विशेष महत्व है। इनके माध्यम से समाज को पर्यावरण के प्रति सम्मान, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और जीवन में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है। नवरात्र जैसे पर्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज को प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने का संदेश भी देते हैं।

स्वच्छता और हरियाली बनाए रखने की अपील

कार्यक्रम के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें, पेड़-पौधों का संरक्षण करें तथा पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने में सहयोग दें। प्रकृति के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण तैयार किया जा सकता है।

इस अवसर पर सौम्या पाण्डेय, अनु यादव, भावना विश्वकर्मा, शिवानी तिवारी और वर्षा जायसवाल सहित अन्य माताएं एवं बहनें उपस्थित रहीं। सभी ने प्रकृति संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

निष्कर्ष: श्री काशी विश्वनाथ धाम से दिया गया यह संदेश धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण के महत्व को रेखांकित करता है। मां दुर्गा की उपासना के माध्यम से प्रकृति के प्रति सम्मान, स्वच्छता और हरियाली को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया।

जन जन की आवाज न्यूज़ 24 

 वाराणसी से रिपोर्टर विजय कुमार की रिपोर्ट।


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