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Uttar Pradesh कुशीनगर कूलकुल्या देवी धाम से जुड़ी है गौरवशाली परंपरा लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं
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  कुशीनगर की ऐतिहासिक धरोहर: मां कूलकुल्या देवी धाम से जुड़ी है गौरवशाली परंपरा दिलीपनगर रियासत के संरक्षण में भव्य रूप ले चुके थे चैत्र एवं शारदीय नवरात्रि मेले कुशीनगर । कुशीनगर के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों में मां कूलकुल्या देवी धाम का विशेष महत्व बताया जाता है। कसिया स्थित बौद्ध तीर्थ से लगभग छह मील दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित प्राचीन कुलकुल्यास्थान वन क्षेत्र में छोटी नदी (कुल्या) के तट पर मां दुर्गा का पावन धाम स्थित है, जिसे श्रद्धालु कूलकुल्या देवी अथवा कुलवा देवी के नाम से जानते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार कुल्या नदी के कूल (तट) पर स्थित होने के कारण माता का नाम कूलकुल्या देवी पड़ा। मंदिर परिसर के समीप प्राचीन कूलकुल्येश्वर महादेव का शिवलिंग भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। धाम की विशेषता यह भी बताई जाती है कि यहां पशुबलि की परंपरा नहीं है और पूजा-अर्चना सात्विक रूप से किए जाने की परंपरा रही है। वर्ष में दो बार लगता है विशाल मेला मां कूलकुल्या देवी धाम पर चैत्र नवरात्रि/रामनवमी तथा शारदीय नवरात्रि-दशहरा के अवसर पर मेले आयोजित किए जाने की परंपरा रही है। इन आ...