उंदी ताल में बनेगा गौतम बुद्ध इको पार्क, 78.5 एकड़ में विकसित होगी पर्यटन परियोजना
बोटिंग, बॉटनिकल गार्डन, योग सेंटर और इको-स्टे जैसी सुविधाओं से बढ़ेगा पर्यटन का आकर्षण
वाराणसी। वाराणसी में पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन और पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरहुआ ब्लॉक के उंदी गांव स्थित उंदी ताल को इको-पार्क एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। विकास प्राधिकरण की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत लगभग 78.5 एकड़ भूमि पर विभिन्न पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रस्तावित परियोजना को गौतम बुद्ध इको पार्क के रूप में विकसित करने की योजना है।
विकास प्राधिकरण के अपर सचिव गुडाकेश शर्मा ने बताया कि उंदी ताल पुनरुद्धार एवं इको-टूरिज्म परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 25 से 29.5 करोड़ रुपये है। परियोजना को प्रदेश सरकार एवं पर्यटन विभाग के सहयोग से स्वीकृति मिल चुकी है। इसका मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक जल निकाय का संरक्षण, भूजल स्तर में सुधार और क्षेत्र में हरित क्षेत्र का विस्तार करना है।
🌳 बोटिंग से लेकर बॉटनिकल गार्डन तक होंगी सुविधाएं
परियोजना के अंतर्गत लगभग 50 हजार वर्ग मीटर के जल क्षेत्र में नौकायन की सुविधा विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही बॉटनिकल गार्डन, कमल ताल, देशी एवं औषधीय पौधों का रोपण और सघन हरियाली विकसित की जाएगी।
परिसर में लोगों की सेहत और मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए ओपन जिम, योग सेंटर, वॉकिंग ट्रैक और साइकिलिंग ट्रैक जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं। इसके अलावा बर्ड वॉच टावर, बच्चों के खेलने का क्षेत्र, कैफेटेरिया और टेंट स्टे यानी इको-स्टे की व्यवस्था विकसित करने की योजना है।
💧 जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार पर रहेगा जोर
उंदी ताल के पुनरुद्धार के माध्यम से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और भूजल संरक्षण की दिशा में काम किया जाएगा। ताल की जलधारण क्षमता बढ़ाने के लिए गाद एवं मिट्टी की निकासी का कार्य भी कराया गया है।
इस परियोजना से क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने, प्राकृतिक वातावरण को संरक्षित करने और लोगों को प्रकृति के करीब मनोरंजन की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
🚧 3.20 करोड़ रुपये से कराई गई घेराबंदी
विकास प्राधिकरण के अनुसार, परियोजना के लिए निर्धारित 78.5 एकड़ भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर लगभग 3.20 करोड़ रुपये की लागत से जालीदार घेराबंदी का कार्य पूरा कराया जा चुका है।
विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के आधार पर शासन की ओर से पर्यटन विकास निधि से बजट की स्वीकृति दी गई है। फिलहाल उंदी ताल को इको-पार्क और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
🛕 सारनाथ से जुड़ने पर पर्यटन को मिलेगा नया विकल्प
उंदी ताल परियोजना को सारनाथ से जोड़ने की योजना है। इससे वाराणसी आने वाले पर्यटकों को धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के साथ प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने का एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है।
परियोजना पूरी होने पर उंदी ताल जल संरक्षण, हरित क्षेत्र के विकास और इको-टूरिज्म के एक नए केंद्र के रूप में विकसित हो सकेगा।
जन जन की आवाज न्यूज़ 24
संवाददाता: विजय कुमार
स्थान: वाराणसी, उत्तर प्रदेश

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