सीवर में बालू-सीमेंट मिलने पर गरमाई राजनीति, सपा ने मांगी मजिस्ट्रेट जांच
रिपोर्टर — विजय कुमार
जन-जन की आवाज़ न्यूज़ 24 | वाराणसी
वाराणसी शहर की सीवर लाइनों की सफाई के दौरान भारी मात्रा में बालू की बोरियां, सीमेंट, पत्थर, लकड़ी का बुरादा और अन्य अवरोधक सामग्री मिलने के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव एवं अधिवक्ता राजू यादव ने जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की तत्काल मजिस्ट्रेट जांच कराने की मांग की है।
सपा नेता ने आरोप लगाया कि सीवर लाइनों में इस तरह की सामग्री मिलना महज सामान्य जाम की समस्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि संबंधित क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित कराई जाए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सीवर में सामग्री कब, किसके द्वारा और किस उद्देश्य से डाली गई।
ज्ञापन में कहा गया कि सीवर व्यवस्था प्रभावित होने से शहर के कई हिस्सों में जलभराव, गंदे पानी की समस्या, दुर्गंध और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। काशी धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है, ऐसे में सीवर व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अवरोध जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्या बन सकता है।
सपा ने नगर निगम और जलकल विभाग के संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ-साथ ठेकेदारों की भूमिका की भी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में सीवर की सफाई, रखरखाव और निर्माण कार्यों में संभावित लापरवाही अथवा मिलीभगत की जांच कराए जाने तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की गई।
राजू यादव ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराकर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
सपा नेता ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र जांच शुरू नहीं की गई तो पार्टी जनहित में जनता को साथ लेकर धरना-प्रदर्शन और व्यापक जनआंदोलन करेगी। उन्होंने प्रशासन से सीवर व्यवस्था की निगरानी मजबूत करने और भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।


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