आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ाने और सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की उठाई मांग
जन जन की आवाज़ न्यूज़ 24 रामपुर
ब्यूरो चीफ – रफीउल्लाह खान की रिपोर्ट
रामपुर।आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी रामपुर को ज्ञापन सौंपते हुए मानदेय बढ़ाने तथा आर्थिक सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग की। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे दिन-रात स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों के साथ-साथ टीकाकरण सहित विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करती हैं। इसके बावजूद उनके मानदेय में लंबे समय से अपेक्षित वृद्धि नहीं की गई है।
ज्ञापन में आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹6,000 से बढ़ाकर ₹12,000 तथा सहायिकाओं का मानदेय ₹3,000 से बढ़ाकर ₹6,000 किया गया है, जबकि आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय कई वर्षों से नहीं बढ़ाया गया है।
आशा कार्यकर्ताओं ने मांग की कि दिन-रात स्वास्थ्य सेवाओं में कार्य करने वाली आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाकर ₹26,000 प्रतिमाह किया जाए। साथ ही उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्रदान किया जाए, ताकि उन्हें मान-सम्मान के साथ आर्थिक सुरक्षा भी मिल सके।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि आशा कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करती हैं। टीकाकरण, स्वास्थ्य जागरूकता और अन्य विभागीय गतिविधियों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रहती है।
ज्ञापन में जिलाधिकारी से अनुरोध किया गया कि आशा कार्यकर्ताओं की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाए तथा उनकी मांगों के संबंध में जल्द शासन स्तर पर आवश्यक निर्णय कराया जाए।
आशा कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि एक ही गांव में विभिन्न स्वास्थ्य कार्यकर्ता अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं और सरकार द्वारा उनके मानदेय का निर्धारण किया गया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय एवं सेवा-सुविधाओं के संबंध में भी उचित निर्णय लिया जाना चाहिए।
आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के शीघ्र निस्तारण की उम्मीद जताते हुए कहा कि सरकार उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करेगी और उन्हें उचित आर्थिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक सेवा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कदम उठाएगी।
रिपोर्ट — रफीउल्लाह खान, ब्यूरो चीफ
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