लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस का पैदल मार्च, निर्वाचन आयोग कार्यालय का घेराव
वॉटर कैनन का इस्तेमाल, कई प्रदर्शनकारी गिरफ्तार
अकरम खान पटेल की रिपोर्ट
जन जन की आवाज न्यूज़ 24
भोपाल, 28 सितंबर 2026। लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से अरेरा हिल्स स्थित निर्वाचन आयोग कार्यालय तक विशाल पैदल मार्च निकाला। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर अपनी मांगें उठाईं।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लिंक रोड पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा वॉटर कैनन का इस्तेमाल किए जाने की बात कांग्रेस की ओर से कही गई है। प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किए जाने का भी दावा किया गया।
कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, राज्यसभा सदस्य अशोक सिंह, सीडब्ल्यूसी सदस्य कमलेश्वर पटेल सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हरीश चौधरी ने कहा कि यह कांग्रेस की लड़ाई नहीं, बल्कि देश, मध्य प्रदेश और संविधान को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने चुनाव आयोग की नियुक्ति, उसकी जवाबदेही और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया तथा SIR को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब संविधान और कानून के आधार पर दिया जाना चाहिए।
जीतू पटवारी ने कहा कि लोकतंत्र की नींव जनता के वोट और उसके विश्वास पर टिकी है। उनके अनुसार चुनाव में जीत-हार होती रहती है, लेकिन चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा बना रहना जरूरी है। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों का तथ्यात्मक एवं पारदर्शी जवाब दिए जाने की मांग की।
पटवारी ने अपने बूथ का उदाहरण देते हुए चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए और कहा कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और युवाओं में नशे जैसे मुद्दों को भी उठाया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह लड़ाई किसी पार्टी की सत्ता के लिए नहीं, बल्कि आम आदमी के वोट, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के मताधिकार से जुड़े सवालों पर उसके साथ खड़ी रहेगी।
सिंघार ने युवाओं के रोजगार, किसानों के समर्थन मूल्य, महिलाओं की सुरक्षा तथा दलित-आदिवासी अधिकारों से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता, ईवीएम और मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं से जनता की आवाज को बूथ स्तर तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ नेता, विधायक, महिला कांग्रेस, किसान कांग्रेस, सेवादल और संगठन से जुड़े पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




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