पनवड़िया में तीन दिवसीय विराट किसान मेले का भव्य शुभारंभ: आधुनिक तकनीकों और उन्नत बीजों से बढ़ेगी अन्नदाता की आय
- शहर विधायक आकाश सक्सेना और डीएम ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया मेले का उद्घाटन, उमड़ी किसानों की भारी भीड़।
- तिलहन आच्छादन के लिए 10 प्रगतिशील किसानों को निःशुल्क तोरिया मिनी किट और ई-लॉटरी से मिले अनुदानित ट्रैक्टर।
- सद्भावना मंडप में सजे 60 से अधिक स्टॉल; कृषि ड्रोन, सोलर पंप और आधुनिक कृषि यंत्रों का हुआ सजीव प्रदर्शन।
रिपोर्ट — रफीउल्लाह खान, ब्यूरो चीफ
जन-जन की आवाज़ न्यूज़ 24
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'सेवा संकल्प अभियान' और कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के तहत मंगलवार को पनवड़िया स्थित सांस्कृतिक सद्भावना केंद्र में तीन दिवसीय एग्रोक्लाइमेटिक जोन स्तरीय (भावर एवं तराई जोन) विराट किसान मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। मेले का उद्घाटन शहर विधायक आकाश सक्सेना जी और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उद्घाटन सत्र के दौरान ही दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों और पड़ोसी जिलों से पहुंचे करीब एक हजार किसानों ने मेले में उत्साहपूर्वक शिरकत की।
निःशुल्क मिनी किट और अनुदानित ट्रैक्टरों का वितरण
समारोह के दौरान कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विशेष वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। तिलहन आच्छादन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 10 प्रगतिशील किसानों को निःशुल्क तोरिया मिनी किट प्रदान की गईं। इसके साथ ही, पारदर्शी ई-लॉटरी व्यवस्था के तहत चयनित दो किसानों को अनुदानित ट्रैक्टर की चाबियां सौंपी गईं, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे।
60 से अधिक स्टॉलों पर दिखा आधुनिक कृषि का भविष्य
सद्भावना मंडप में सजे प्रदर्शनी स्थल पर विभिन्न मंडलों और जनपदों से आई प्रतिष्ठित संस्थाओं व निजी कंपनियों के 60 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। जेके एग्री जेनेटिक्स, इण्डो स्विस और त्रिमूर्ति प्लांट साइंस जैसी प्रमुख कंपनियों ने उन्नत बीज, आधुनिक कृषि रक्षा रसायन, कृषि ड्रोन और सोलर पंप का सजीव प्रदर्शन किया। विधायक और अधिकारियों ने सभी स्टॉलों का सघन अवलोकन किया और कंपनी प्रतिनिधियों से कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाले हाइब्रिड बीजों और नई पीढ़ी के कृषि यंत्रों की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझा।
आठ जिलों के किसानों के लिए विशेष बसें और भोजन की व्यवस्था
इस क्षेत्रीय मेले में सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच और श्रावस्ती सहित आठ जिलों के प्रगतिशील किसानों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों से किसानों को सुगमता से आयोजन स्थल तक लाने और वापस पहुंचाने के लिए कृषि विभाग की ओर से 12 विशेष बसों का संचालन किया गया। इसके अलावा, बाहर से आए सभी किसानों के लिए सुबह के नाश्ते और दोपहर के भोजन (लंच) का पुख्ता प्रबंध किया गया था।
कृषि वैज्ञानिकों ने दिए टिप्स, कल बांटे जाएंगे प्रमाण पत्र
मेले के पहले दिन कृषि वैज्ञानिकों ने मंच से किसानों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों ने फसल चक्र, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जल संरक्षण तथा कीट एवं रोग नियंत्रण के वैज्ञानिक और व्यावहारिक उपाय साझा किए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कृषि यंत्रों पर मिलने वाला अनुदान पूरी तरह पारदर्शी है, जो पूर्व निर्धारित ई-लॉटरी सिस्टम से ही संचालित होता है। साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि मेले के दूसरे दिन विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अचीवर किसानों को मंच पर प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
'वर्ष 2017 के बाद पूरी तरह बदला प्रदेश का कृषि परिदृश्य'
समारोह को संबोधित करते हुए शहर विधायक आकाश सक्सेना जी ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश का कृषि परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है। सरकार का मुख्य एजेंडा अन्नदाता की आमदनी को दोगुना करना और प्रति हेक्टेयर उत्पादन में वृद्धि लाना है। उन्होंने कहा, "पहले किसानों को योजनाओं और तकनीकी सलाह के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब सेवा संकल्प के तहत पूरी सरकारी मशीनरी और वैज्ञानिक खुद चौपालों और मेलों के माध्यम से किसानों के द्वार तक पहुंच रहे हैं।"
प्रशासन का मानना है कि एक ही छत के
नीचे बीज, मशीनरी, बाजार और तकनीकी सलाह उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी मांग है। आधुनिक कृषि यंत्रों और वैज्ञानिक पद्धतियों से जुड़कर ही खेती की इनपुट कॉस्ट (उत्पादन लागत) कम होगी और किसानों का शुद्ध मुनाफा बढ़ेगा।



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