मॉरीशस में कल से शुरू होगी ऐतिहासिक ‘भोजपुरी भाषा-सनातनी संस्कृति बचाओ जनजागरण यात्रा’
28 सितंबर से 25 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, प्रवासी भारतीयों को अपनी भाषा और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रयास
पोर्ट लुई (मॉरीशस)। विश्व भोजपुरी संघ (वर्ल्ड भोजपुरी ऑर्गनाइजेशन), भारत द्वारा बनारस वर्ल्ड भोजपुरी एसोसिएशन मॉरीशस के सहयोग से मॉरीशस में 28 सितंबर से 25 अक्टूबर 2026 तक ‘भोजपुरी भाषा-सनातनी संस्कृति बचाओ जनजागरण यात्रा’ का आयोजन किया जा रहा है। लगभग एक माह तक चलने वाली इस यात्रा का उद्देश्य प्रवासी भारतीयों के बीच भोजपुरी भाषा एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
इस व्यापक अभियान का नेतृत्व विश्व भोजपुरी संघ के अंतरराष्ट्रीय महासचिव डॉ. अपूर्व नारायण तिवारी ‘बनारसी बाबू’ कर रहे हैं। उनके साथ मॉरीशस की अंतरराष्ट्रीय प्रमुख (कला एवं संस्कृति) डॉ. हूशिला रिसौल भी अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना उद्देश्य
डॉ. अपूर्व नारायण तिवारी के अनुसार, जनजागरण यात्रा और इसके तहत आयोजित होने वाले ‘इंटरनेशनल वर्ल्ड भोजपुरी हेरिटेज फेस्टिवल’ का प्रमुख उद्देश्य प्रवासी भारतीयों के बीच भोजपुरी भाषा को जीवंत बनाए रखना, उसका संरक्षण एवं संवर्धन करना और नई पीढ़ी को अपनी भाषाई एवं सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है। साथ ही मॉरीशस पहुंचे भारतीय गिरमिटिया श्रमिकों के इतिहास और उनके संघर्षों को सम्मानपूर्वक याद करना भी अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
गिरमिटिया श्रमिकों के इतिहास और संघर्ष को किया जाएगा याद
महोत्सव की मुख्य आयोजिका हूशिला देवी रिसौल ने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से मॉरीशस में भारतीय गिरमिटिया श्रमिकों के इतिहास, परंपराओं तथा गन्ने की खेती से जुड़े उनके कठिन संघर्षों को याद किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत से मॉरीशस पहुंचे इन श्रमिकों ने कठिन परिस्थितियों में अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखा।
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रमों को मॉरीशस के सामाजिक एवं भाषाई परिवेश को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, ताकि स्थानीय समुदाय और युवा पीढ़ी भी इससे जुड़ सके।
गीत-संगीत के साथ सामाजिक मुद्दों पर भी होगी चर्चा
यह आयोजन केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं रहेगा। मॉरीशस के विभिन्न सामुदायिक केंद्रों और स्थानीय परिवारों के बीच कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें पारंपरिक भोजपुरी विवाह गीतों के साथ यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहर ‘गीत गवाई’ की प्रस्तुतियां भी शामिल रहेंगी।
इसके साथ ही युवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर जागरूकता और संवाद भी किया जाएगा। इनमें युवाओं में नशीली दवाओं के बढ़ते प्रभाव को रोकने, हिंसा एवं असामाजिक व्यवहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
‘भोजपुरी को जीवंत भाषा बनाए रखना’ संकल्प
आयोजकों का कहना है कि इस अभियान का प्रमुख संकल्प भोजपुरी को एक जीवंत भाषा के रूप में संरक्षित रखना है। उनका मानना है कि भाषा की निरंतरता उसके बोलने वालों और नई पीढ़ी से जुड़ी होती है।
28 सितंबर से शुरू होने वाली यह जनजागरण यात्रा 25 अक्टूबर तक मॉरीशस के विभिन्न हिस्सों में पहुंचेगी और भोजपुरी भाषा, लोक परंपराओं तथा भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता का संदेश देगी।
रिपोर्ट: विजय कुमार, वाराणसी
जन-जन की आवाज़ न्यूज़ 24


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