विश्व पर्यटन दिवस पर राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में रचनात्मकता और तकनीक का संगम
डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पर्यटन को नया रूप देने पर दो दिवसीय समारोह
मिर्जापुर/बीएचयू। राजीव गांधी दक्षिणी परिसर, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में विश्व पर्यटन दिवस 2026 समारोह का शुभारंभ 25 सितंबर से उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। दो दिवसीय इस कार्यक्रम का आयोजन आतिथ्य एवं पर्यटन प्रबंधन विभाग द्वारा किया जा रहा है। समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नवाचार, नए विचारों और सक्रिय सहभागिता को बढ़ावा देने के साथ पर्यटन क्षेत्र में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों से परिचित कराना है।
समारोह का मार्गदर्शन राजीव गांधी दक्षिणी परिसर के आचार्य प्रभारी प्रो. बी.एम.एन. कुमार तथा दीन दयाल उपाध्याय कौशल केंद्र के पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. आर.एस. मिश्रा के निर्देशन में किया जा रहा है।
इस वर्ष विश्व पर्यटन दिवस समारोह की थीम “डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पर्यटन को नया रूप देना” रखी गई है। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया जा रहा है कि तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवाचार और रचनात्मकता आने वाले समय में पर्यटन के स्वरूप को किस तरह प्रभावित करेंगे।
समारोह की अवधारणा “एक्सप्लोर, डिजाइन, डिस्कवर, ट्रांसफॉर्म” के माध्यम से पर्यटन, तकनीक, नवाचार और रचनात्मकता के समन्वय को प्रदर्शित करती है। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यटन क्षेत्र में उभरती संभावनाओं को समझने और अपने विचारों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है।
विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में दिखाई प्रतिभा
समारोह के प्रथम दिन 25 सितंबर को विद्यार्थियों के लिए विभिन्न रचनात्मक एवं शैक्षणिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रशासनिक भवन, राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में पोस्टर मेकिंग, रंगोली, ऑन-द-स्पॉट निबंध लेखन, स्पॉट फोटोग्राफी और प्रेजेंटेशन सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं।
इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा, कला-कौशल, अभिव्यक्ति क्षमता और पर्यटन से जुड़े विषयों की समझ का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने अपने पोस्टर, रंगोली, लेखन, फोटोग्राफी और प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्यटन तथा तकनीकी नवाचार से जुड़े विभिन्न पहलुओं को सामने रखा।
प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों द्वारा किया गया। इस दौरान आतिथ्य एवं पर्यटन प्रबंधन पाठ्यक्रम के अध्यापकगण भी उपस्थित रहे और उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
आयोजकों के अनुसार, इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें रचनात्मक सोच, प्रस्तुतीकरण, नवाचार और व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विश्व पर्यटन दिवस समारोह के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यटन के बदलते स्वरूप और भविष्य में एआई एवं डिजिटल तकनीक की भूमिका को समझने का अवसर भी मिल रहा है।
रिपोर्ट: विजय कुमार

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