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 वसंत वाणी संसद 2.0 में विधि संकाय, बीएचयू का शानदार प्रदर्शन

30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के 16 विद्यार्थियों ने हासिल किए व्यक्तिगत सम्मान; ‘बिगेस्ट डेलीगेशन’ और ‘बेस्ट क्वालिटी डेलीगेशन’ पुरस्कार भी मिला

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के विधि संकाय ने वसंत वाणी संसद 2.0 में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई। छह समितियों में 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रतिभाग करने वाले विधि संकाय के 16 विद्यार्थियों ने विभिन्न व्यक्तिगत पुरस्कार एवं सम्मान हासिल किए। इसके अलावा संकाय को समग्र प्रदर्शन के लिए ‘बिगेस्ट डेलीगेशन’ और ‘बेस्ट क्वालिटी डेलीगेशन’ के प्रतिष्ठित पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया।



विधि संकाय के विद्यार्थियों ने ऑल इंडिया पॉलिटिकल पार्टीज मीट (AIPPM), लोकसभा, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC), संयुक्त राष्ट्र महिला स्थिति आयोग (UNCSW), उत्तर प्रदेश विधानसभा (UPLA) तथा प्रेस कॉन्क्लेव सहित छह समितियों में भाग लिया।

AIPPM में विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन

AIPPM समिति में विधि संकाय के विद्यार्थियों ने विशेष उपलब्धियां हासिल कीं। तृतीय वर्ष के बीए एलएलबी (ऑनर्स) विद्यार्थी श्रीयश शिवम को को-मॉडरेटर के रूप में सम्मानित किया गया। द्वितीय वर्ष की छात्राओं अदिति मिश्रा एवं अर्घा दुबे को इम्पैक्टफुल डेलीगेशन का सम्मान मिला। शशांक जायसवाल ने वर्बल मेंशन-1, जबकि निखिल शर्मा ने हाई कमेंडेशन प्राप्त किया। प्रथम वर्ष के विद्यार्थी मिलिंद राठौर को इम्पैक्टफुल डेलीगेट के सम्मान से नवाजा गया।


लोकसभा समिति में भी मिली सफलता

लोकसभा समिति में द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी मयूर बच्छाने ने हाई कमेंडेशन प्राप्त किया, जबकि प्रथम वर्ष के विद्यार्थी पुलकित गौतम को ऑनरेबल मेंशन-1 से सम्मानित किया गया।

UNHRC में बेस्ट डेलीगेट का सम्मान

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में विधि संकाय के विद्यार्थियों ने प्रभावी प्रदर्शन किया। प्रथम वर्ष के विद्यार्थी आदर्श संकृत्य को बेस्ट डेलीगेट का पुरस्कार मिला। द्वितीय वर्ष के हर्ष उपाध्याय को हाई कमेंडेशन तथा सुयश राय को स्पेशल मेंशन प्रदान किया गया।

UNCSW और UPLA में भी शानदार प्रदर्शन

संयुक्त राष्ट्र महिला स्थिति आयोग (UNCSW) में द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी कियांश नचिकेता को स्पेशल मेंशन, जबकि काव्या विनायकर को हाई कमेंडेशन प्राप्त हुआ।


उत्तर प्रदेश विधानसभा (UPLA) समिति में द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों राघव पांडेय को हाई कमेंडेशन तथा शिवम तिवारी को ऑनरेबल मेंशन प्रदान किया गया।

वहीं, प्रेस कॉन्क्लेव में विधि संकाय का प्रतिनिधित्व करने वाले द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी कुशाल गेन को हाई कमेंडेशन के साथ-साथ कैंपस एंबेसडर के रूप में भी सम्मानित किया गया।


सामूहिक उपलब्धियों को भी मिली मान्यता

प्रतिनिधिमंडल की सामूहिक उपलब्धि को भी विशेष रूप से मान्यता मिली। विधि संकाय, बीएचयू को ‘बिगेस्ट डेलीगेशन अवॉर्ड’ तथा ‘बेस्ट क्वालिटी डेलीगेशन अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। इन पुरस्कारों ने प्रतिनिधिमंडल की व्यापक भागीदारी के साथ-साथ विभिन्न समितियों में विद्यार्थियों के प्रदर्शन की गुणवत्ता को भी रेखांकित किया।

वसंत वाणी संसद 2.0 में विधि संकाय, बीएचयू की उपलब्धि इस दृष्टि से उल्लेखनीय रही कि 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में से 16 विद्यार्थियों ने व्यक्तिगत स्तर पर विभिन्न पुरस्कार एवं सम्मान हासिल किए, जबकि संकाय ने संस्थागत स्तर पर भी दो प्रमुख पुरस्कार प्राप्त किए।

यह प्रदर्शन विद्यार्थियों की संसदीय विमर्श, विधायी प्रक्रिया, कूटनीति, मानवाधिकार, सार्वजनिक नीति, शोध, तार्किक अभिव्यक्ति और नेतृत्व क्षमता में सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। छह अलग-अलग समितियों में प्रभावी उपस्थिति और व्यक्तिगत पुरस्कारों की उल्लेखनीय संख्या ने विधि संकाय, बीएचयू की अकादमिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रियता को भी सामने रखा।

डीन प्रो. प्रदीप कुमार सिंह का महत्वपूर्ण सहयोग

विधि संकाय, बीएचयू की इस उपलब्धि में संकाय के हेड एवं डीन प्रो. प्रदीप कुमार सिंह के सहयोग और प्रोत्साहन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके निरंतर मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्धन ने विद्यार्थियों को प्रतियोगिता की तैयारी से लेकर आयोजन में प्रभावी भागीदारी तक प्रेरित किया।

कार्यक्रम के समापन के बाद प्रो. प्रदीप कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों पर बधाई देते हुए उनके समर्पण और संकाय का प्रतिनिधित्व करने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की।

विधि संकाय की इस उपलब्धि को “क्वालिटी विद क्वांटिटी” अर्थात संख्या के साथ उत्कृष्ट गुणवत्ता के प्रदर्शन के रूप में देखा जा सकता है। बड़े प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न समितियों में प्रभावी भागीदारी करते हुए व्यक्तिगत और सामूहिक—दोनों स्तरों पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं।

रिपोर्ट: विजय कुमार वाराणसी

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