दीवानी परिसर में राजनीतिक धरना-प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने की मांग
सेंट्रल बार अध्यक्ष ने न्यायिक मर्यादा बनाए रखने पर दिया जोर, निर्धारित स्थानों पर विरोध दर्ज कराने की अपील
वाराणसी । सिविल कोर्ट यानी दीवानी न्यायालय परिसर में राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों की ओर से किए जाने वाले धरना-प्रदर्शन, नारेबाजी और जुलूस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई गई है। सेंट्रल बार अध्यक्ष प्रेमप्रकाश सिंह गौतम ने न्यायिक परिसर की गरिमा, शांति, अनुशासन और सुरक्षा बनाए रखने पर जोर दिया है।
उन्होंने कहा कि दीवानी न्यायालय परिसर में प्रतिदिन हजारों वादकारी, अधिवक्ता और न्यायिक अधिकारी आते हैं। ऐसे में न्यायालय परिसर के भीतर राजनीतिक गतिविधियां होने से न्यायिक कार्य प्रभावित होने के साथ ही सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
सेंट्रल बार अध्यक्ष ने कहा कि न्यायिक परिसर का मुख्य उद्देश्य न्यायिक कार्यों का सुचारु संचालन सुनिश्चित करना है। इसलिए यहां ऐसा कोई भी आयोजन नहीं होना चाहिए, जिससे न्यायालय के कामकाज में बाधा उत्पन्न हो या आम जनता को असुविधा का सामना करना पड़े।
उन्होंने राजनीतिक दलों और संगठनों से अपील की कि वे दीवानी परिसर में धरना-प्रदर्शन करने के बजाय निर्धारित एवं उचित स्थानों पर अपना विरोध दर्ज कराएं। अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपें, ताकि संबंधित विषयों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने न्यायिक परिसर की मर्यादा बनाए रखने और न्यायिक कार्यों को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी संबंधित पक्षों से सहयोग करने की अपील की।
रिपोर्टर: विजय कुमार
जन जन की आवाज समाचार 24

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