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स्वामित्व निष्पादन योजना के विरोध में मप्र पटवारी संघ का बड़ा फैसला

7 अक्टूबर से ऑनलाइन राजस्व कार्यों से विरत पटवारी, मांगों के निराकरण तक आंदोलनात्मक रुख

बैतूल | जन-जन की आवाज़ न्यूज़ 24

ब्यूरो चीफ अकरम खान पटेल की रिपोर्ट

बैतूल। मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन प्रक्रिया में पटवारियों को निष्पादक बनाए जाने तथा पटवारियों के विरुद्ध की जा रही सेवा समाप्ति, निलंबन और अन्य दंडात्मक कार्रवाइयों के विरोध में प्रदेशव्यापी कदम उठाने का निर्णय लिया है। संघ के अनुसार, पटवारी 7 अक्टूबर से ऑनलाइन राजस्व कार्यों से विरत हैं।


पूर्व में ज्ञापन देकर उठाई थीं आपत्तियां

पटवारी संघ का कहना है कि स्वामित्व निष्पादन योजना के अंतर्गत पटवारियों की भूमिका, अधिकार और दायित्व स्पष्ट नहीं हैं। संपत्ति के स्वामित्व, वारिसों की पहचान, सीमांकन, क्षेत्रफल, चतुर्सीमा तथा संपत्ति पर भार से जुड़े विवादों या त्रुटियों की स्थिति में पटवारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही और कानूनी संरक्षण को लेकर संघ ने शासन से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की थी।

संघ के मुताबिक, इन समस्याओं को लेकर पूर्व में शासन को ज्ञापन भी सौंपे गए थे। शासन के अधिकारियों और पटवारी संगठनों के बीच उच्चस्तरीय बैठक में भी मांगें रखी गईं, लेकिन संघ को अपेक्षित समाधान नहीं मिला। इसी के चलते अब पटवारी संघ ने आंदोलनात्मक रुख अपनाया है।

दंडात्मक कार्रवाई से पटवारी संवर्ग में नाराजगी

संघ ने देवास जिले में की गई सेवा समाप्ति तथा अन्य जिलों में पटवारियों के निलंबन और दंडात्मक कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। संघ का कहना है कि योजना के तहत जिम्मेदारियां और कानूनी स्थिति स्पष्ट किए बिना पटवारियों को निष्पादन का दायित्व सौंपना तथा उनके विरुद्ध कार्रवाई करना चिंता का विषय है।


शासन के सामने रखीं तीन प्रमुख मांगें

1. दंडात्मक कार्रवाई वापस हो: देवास जिले में की गई सेवा समाप्ति तथा अन्य जिलों में निलंबन और दूसरी दंडात्मक कार्रवाइयों को तत्काल वापस लिया जाए।

2. स्पष्ट विधिक दिशा-निर्देश जारी हों: स्वामित्व निष्पादन योजना में पटवारियों की भूमिका, दायित्व और व्यक्तिगत जवाबदेही स्पष्ट की जाए।

3. कानूनी संरक्षण मिले: पटवारियों को पर्याप्त कानूनी संरक्षण प्रदान करते हुए योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी विधिक एवं व्यावहारिक समस्याओं का समाधान किया जाए।

मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन जारी रखने के संकेत

पटवारी संघ के अनुसार, पहले ज्ञापन और शासन स्तर पर बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास किया गया। लेकिन मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं होने और पटवारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई जारी रहने के कारण ऑनलाइन राजस्व कार्यों से विरत रहने का फैसला लिया गया है।

अब इस मामले में शासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर पटवारी संवर्ग की नजरें टिकी हैं।

रिपोर्ट: अकरम खान पटेल, ब्यूरो चीफ बैतूल
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