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समय से नहीं खुलता प्राथमिक विद्यालय का गेट, बच्चे करते हैं शिक्षकों का इंतजार

ग्राम सभा चमरू के प्राथमिक विद्यालय की व्यवस्था पर उठे सवाल, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने का आरोप

लोकेशन: सिंधोरा, वाराणसी | रिपोर्ट: विजय कुमार

सिंधोरा (वाराणसी)। पिंडरा विकासखंड की ग्राम सभा चमरू स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों के देर से पहुंचने के कारण बच्चों को विद्यालय के गेट पर इंतजार करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बच्चे निर्धारित समय पर स्कूल पहुंच जाते हैं, लेकिन शिक्षकों के देर से आने के कारण विद्यालय का गेट समय से नहीं खुलता। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की बात कही जा रही है।


स्थानीय लोगों के अनुसार, विद्यालय का गेट शिक्षकों के पहुंचने के बाद ही खुलता है। ऐसे में समय पर स्कूल पहुंचने वाले बच्चों को बाहर खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है। इस स्थिति ने विद्यालय की समयबद्धता और शैक्षणिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति, अनुशासन और पढ़ाई की गुणवत्ता को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, झाड़ियों की समस्या और नियमित पठन-पाठन जैसी चुनौतियां भी सामने आती रहती हैं।

सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने और बुनियादी सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बावजूद यदि किसी विद्यालय में शिक्षक समय पर उपस्थित नहीं होते हैं, तो इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ सकता है।

प्रधानाध्यापक की उपस्थिति पर भी सवाल

स्थानीय सूत्रों के हवाले से प्रधानाध्यापक की नियमित उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि प्रधानाध्यापक विद्यालय में कम समय के लिए आते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक अथवा शिक्षा विभाग का पक्ष इस खबर में उपलब्ध नहीं है।

जांच और कार्रवाई की मांग

अभिभावकों और स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि शिक्षा विभाग विद्यालय में शिक्षकों की उपस्थिति, स्कूल खुलने के समय और नियमित पठन-पाठन की जांच कराए, ताकि बच्चों को निर्धारित समय पर शिक्षा मिल सके।

अब सवाल यह है कि क्या शिक्षा विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर जांच करेगा और विद्यालय की व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाएगा?

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