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शिवपुर हाईवे पर खराब सिग्नल और यू-टर्न बने जानलेवा

शुद्धीपुर चौराहे से तरना ओवरब्रिज तक कई जगह सिग्नल खराब, झाड़ियों में छिपे संकेतक और तीन बड़े यू-टर्न बढ़ा रहे हादसों का खतरा

शिवपुर। शिवपुर हाईवे पर लगातार हो रहे सड़क हादसों ने यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुद्धीपुर चौराहे से तरना ओवरब्रिज तक कई स्थानों पर लगे सिग्नल खराब हालत में हैं। वहीं, कई जगह संकेतक झाड़ियों और पेड़ों के बीच छिप गए हैं, जिससे वाहन चालकों को समय रहते सड़क संबंधी संकेत दिखाई नहीं देते।


स्थानीय लोगों के अनुसार शुद्धीपुर चौराहे से तरना ओवरब्रिज के बीच करीब छह से सात स्थानों पर रोड कट और डायवर्जन हैं। इनमें कई जगह सिग्नल और संकेतक लगाए गए हैं, लेकिन इनके खराब होने अथवा ठीक से दिखाई नहीं देने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। तेज रफ्तार भारी वाहनों और यू-टर्न पर वाहनों की भीड़ के कारण हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।

स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पिछले करीब छह महीने में इस मार्ग पर सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत होने की बात सामने आई है। इनमें शुद्धीपुर चौराहे पर घूरे प्रजापति, रोटी ढाबा शुद्धीपुर के पास हुए हादसे में आकांक्षा श्रीवास्तव और हाल में युवा इंजीनियर अनूज राजू पटेल की मौत शामिल है। स्थानीय लोगों के मुताबिक अनूज पटेल की मौत यू-टर्न के पास भीड़भाड़ वाले स्थान पर बस की चपेट में आने से हुई थी।

ललित द्वार के सामने भी खतरा

ललित द्वार के सामने भी सड़क हादसों को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है। उनका कहना है कि सड़क के बीच पेड़ों और झाड़ियों के बीच लगा महत्वपूर्ण सिग्नल ठीक स्थिति में नहीं है। इसके कारण वाहन चालकों को समय रहते संकेत दिखाई नहीं देते और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

शुद्धीपुर से तरना ओवरब्रिज तक तीन बड़े यू-टर्न भी लोगों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। इन स्थानों पर भारी वाहनों की आवाजाही के बीच अचानक यू-टर्न लेने वाले वाहनों से टक्कर का खतरा बना रहता है।

व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि किसी आला अधिकारी के आने पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर किया जा सकता है तो आम दिनों में यही व्यवस्था क्यों दिखाई नहीं देती। महत्वपूर्ण हाईवे पर खराब सिग्नल, झाड़ियों से ढके संकेतक, तेज रफ्तार भारी वाहन और संवेदनशील यू-टर्न के बावजूद प्रभावी यातायात निगरानी नहीं होने से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

लगातार हादसों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन व्यवस्थागत खामियों की जिम्मेदारी आखिर किसकी है। क्या किसी और बड़े हादसे के बाद ही यातायात प्रशासन जागेगा, या इससे पहले ही खराब सिग्नल, यू-टर्न और सड़क कट की व्यवस्था दुरुस्त कर लोगों की जान बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

रिपोर्ट: विजय कुमार
जन-जन की आवाज़ न्यूज़ 24

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