0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने उठाई आवाज, वित्त मंत्री को भेजा ज्ञापन
जन-जन की आवाज न्यूज़ 24 रामपुर
ब्यूरो चीफ रफीउल्लाह खान की रिपोर्ट
रामपुर। व्यापारियों पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत एमडीआर (MDR) शुल्क लगाए जाने के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल (पंजी.) रामपुर ने आवाज बुलंद की। संगठन की ओर से केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम जिलाधिकारी रामपुर के माध्यम से ज्ञापन भेजकर प्रस्तावित शुल्क को तत्काल वापस लेने की मांग की गई।
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि 15 अक्टूबर 2026 से यूपीआई भुगतान पर व्यापारियों से 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क लिए जाने की घोषणा से व्यापारियों में चिंता और रोष है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा लंबे समय से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे में डिजिटल लेन-देन पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से छोटे और मध्यम व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
व्यापार मंडल ने कहा कि उत्तर प्रदेश का व्यापारी इस प्रस्तावित शुल्क का कड़ा विरोध करता है। संगठन ने केंद्र सरकार से मांग की कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क को तत्काल वापस लिया जाए।
ज्ञापन के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री से आग्रह किया गया कि व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाए और शुल्क वापस लेने की घोषणा की जाए। व्यापारियों ने कहा कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था सरल, सुगम और व्यापार हितैषी होनी चाहिए, ताकि व्यापारियों को अनावश्यक आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस अवसर पर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार अग्रवाल, जिला मंत्री अब्दुल समद, जिला महामंत्री सुरेश बाबू गुप्ता, जिला कोषाध्यक्ष केशव गुप्ता, प्रांतीय महामंत्री कपिल आर्य, नगर अध्यक्ष छोटे लाल रस्तोगी, युवा जिला अध्यक्ष विपुल गुप्ता सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं व्यापारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।
व्यापारियों ने एकजुट होकर कहा कि यदि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा देना है तो उस पर अतिरिक्त आर्थिक भार डालने के बजाय व्यापारियों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से व्यापारियों की मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।


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