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 राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में APACON-2026 का शुभारंभ, सतत पशुधन उत्पादकता पर हुआ वैज्ञानिक विमर्श

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वाराणसी | विजय कुमार की रिपोर्ट

वाराणसी, 5 अक्टूबर 2026। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के राजीव गांधी दक्षिणी परिसर, बरकछा, मीरजापुर में पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन APACON-2026 का शुभारंभ हुआ। सम्मेलन का विषय ‘सतत पशुधन उत्पादकता की दिशा में पशु शरीर क्रिया विज्ञान के उभरते प्रतिमान : विकसित भारत की ओर’ रखा गया है। राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय द्वारा आयोजित यह पहला राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन है।


उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय ने आधारभूत संरचना तथा संकाय से जुड़ी चुनौतियों को लगातार दूर करते हुए प्रगति की है। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलन वैज्ञानिकों और युवा शोधकर्ताओं को राष्ट्रीय स्तर पर संवाद एवं पहचान का मंच प्रदान करते हैं।


कुलपति ने वैज्ञानिक संस्थानों के बीच सहयोग, संयुक्त परियोजनाओं, शोध निर्देशन, उद्योगों के साथ साझेदारी, नवाचार, पेटेंट तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्थानों को अपनी विशिष्ट पहचान विकसित करने के साथ शोध को समाज और किसानों के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए।

पशुधन में रोग प्रतिरोधकता और ताप सहनशीलता पर जोर

विशिष्ट अतिथि डॉ. रवि कुमार गंधम, निदेशक, राष्ट्रीय पशु जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (NIAB), हैदराबाद ने रोग प्रतिरोधकता और ताप सहनशीलता जैसे शारीरिक लक्षणों के आनुवंशिक एवं बाह्य अभिव्यक्तिगत स्तर पर समग्र अध्ययन की आवश्यकता बताई। उन्होंने अंतर्विषयक अनुसंधान और वैज्ञानिकों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।


उन्होंने शोध को किसानों के लिए उपयोगी समाधानों में बदलने की आवश्यकता बताई। साथ ही FSH तथा GreenFeed तकनीक के माध्यम से व्यक्तिगत स्तर पर मीथेन उत्सर्जन मापने और इससे संबंधित डेटाबेस तैयार करने के प्रयासों की जानकारी दी।

प्रो. बी. एम. एन. कुमार, आचार्य प्रभारी, राजीव गांधी दक्षिणी परिसर ने कहा कि सतत पशुधन उत्पादन में पशु चिकित्सा शरीर क्रिया विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सम्मेलन से वैज्ञानिक अनुसंधान, नस्ल सुधार और सतत डेयरी विकास को नई दिशा मिलेगी।

विकसित भारत-2047 में पशुधन की महत्वपूर्ण भूमिका

प्रो. सतीश कुमार सिंह, संकाय प्रमुख, कृषि विज्ञान संकाय ने पशुधन स्वास्थ्य में सुधार और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करने में सटीक पोषण तथा वास्तविक समय स्वास्थ्य निगरानी की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में पशु शरीर क्रिया विज्ञान एवं पशुधन उत्पादन के महत्व को रेखांकित किया।


डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह, अध्यक्ष, APA ने पशुधन उत्पादकता, स्वास्थ्य, कल्याण और जलवायु-सहिष्णुता में पशु शरीर क्रिया विज्ञान की बढ़ती भूमिका पर चर्चा की। वहीं APA के महासचिव एवं आईसीएआर-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. विकास चंद्र ने APA 2025 पुरस्कारों के विजेताओं की औपचारिक घोषणा की।

आयोजन सचिव डॉ. मनीष कुमार ने सम्मेलन के अगले दो दिनों में होने वाले तकनीकी सत्रों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सम्मेलन युवा शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और किसानों के लिए नए विचारों तथा सार्थक परिणामों का मंच बनेगा।

प्रो. अमित राज गुप्ता, संकाय प्रमुख, पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय ने स्वागत संबोधन में कहा कि पशुधन उत्पादन के भविष्य के लिए मौलिक शरीर क्रिया विज्ञान को जीनोमिक्स, जैव प्रौद्योगिकी, सहायक प्रजनन तकनीक, सटीक पशुधन पालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा विज्ञान जैसी आधुनिक तकनीकों से जोड़ना जरूरी है।

विभिन्न वैज्ञानिक विषयों पर हुआ मंथन

सम्मेलन के पहले दिन पशुधन प्रजनन, प्रजनन जैव प्रौद्योगिकी, तनाव शरीर क्रिया विज्ञान, ताप तनाव निगरानी, जलवायु-सहिष्णुता, जीनोम इंजीनियरिंग, क्रायोसंरक्षण, पुनर्योजी चिकित्सा और सतत पशुधन उत्पादन सहित कई समकालीन विषयों पर वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए।

जर्मनी के पॉट्सडैम स्थित लाइबनिज इंस्टीट्यूट फॉर एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग एंड बायोइकोनॉमी (ATB) की डॉ. गुंडुला हॉफमैन ने ऑनलाइन माध्यम से बीज वक्तव्य दिया। इसके अलावा डॉ. बी. एस. प्रकाश और अमेरिका के डलास स्थित यूटी साउथवेस्टर्न मेडिकल सेंटर के डॉ. आशीष रंजन ने भी व्याख्यान दिए।

तीन पुस्तकों का विमोचन

कार्यक्रम के दौरान Compendium of Abstracts – APACON-2026, Compendium of Lead Papers – APACON-2026 तथा Fundamentals of Livestock and Poultry Management पुस्तकों का विमोचन किया गया। तीसरी पुस्तक के लेखक डॉ. उत्कर्ष कुमार त्रिपाठी एवं डॉ. अनुराधा कुमारी हैं।

वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को पुरस्कार

सम्मेलन के दौरान APA Lifetime Achievement Award-2025 प्रो. बी. एस. प्रकाश को प्रदान किया गया। APA Fellow Awards डॉ. आशीष मिश्रा और डॉ. बी. रामबाबू नाइक को मिले। APA Best Teacher Awards डॉ. सोहन वीर सिंह, डॉ. निशांत कुमार और डॉ. राकेश कुमार सिंह को प्रदान किए गए।


इसके अलावा APA Best Girl Student Award डॉ. सुहाना परवीन मुकित, APA Best PhD Thesis Award डॉ. प्रियंका एम. कित्तूर, Prof. A. K. Pal Best MVSc Thesis Award डॉ. पल्लवी हेम्ब्रम तथा APA Best Research Paper Award डॉ. मीती पुनेथा को प्रदान किया गया।

उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. उत्कर्ष कुमार त्रिपाठी ने किया, जबकि डॉ. तुलसीरामन पी. ने धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रथम दिवस का समापन वैज्ञानिक चर्चा, शोध प्रस्तुतियों और विशेषज्ञों तथा प्रतिभागियों के बीच संवाद के साथ हुआ।

विजय कुमार

रिपोर्टर, वाराणसी

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