हाईकोर्ट के फैसले के बाद वाराणसी में हुक्का बारों पर सख्ती, मेनू से गायब हुआ हुक्का
वाराणसी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद उत्तर प्रदेश में हुक्का बार कारोबार पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग गया है। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने 70 से ज्यादा कैफे-रेस्तरां की याचिकाएं एक झटके में खारिज कर दीं और दो टूक कहा कि उत्तर प्रदेश में कहीं भी, किसी भी रूप में हुक्का बार नहीं चल सकता। चाहे रेस्टोरेंट ने तंबाकू नियंत्रण कानून के तहत स्मोकिंग जोन ही क्यों न बना रखा हो, ये बहाना अब नहीं चलेगा।
वाराणसी में मची हड़कंप
फैसले के बाद वाराणसी में हुक्का उद्योग की शामत आ गई है। कई नामी रूफटॉप कैफे ने अपने मेनू से हुक्का हटा दिया है तथा सोशल मीडिया पर लगे हुक्का बार से जुड़े पोस्ट और रील डिलीट करने शुरू कर दिए हैं। मतलब, अब 'चल यार हुक्का बार' नहीं, बल्कि 'चलो यार कहीं और चलते हैं' बोलना पड़ेगा।
गौरतलब है कि एक अभियान चलाकर शहर में चल रहे हुक्का बार को उजागर किया था। सबसे ज्यादा कम उम्र के बच्चे इसका शिकार हो रहे थे। वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की एसओजी-2 की लिस्ट और पिछले 2 साल में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को देखें तो शहर में भारी मात्रा में हुक्का बार चल रहे थे, लेकिन पुलिस को इसका भान नहीं था। मुहिम चलाकर इन्हें बेनकाब किया।
सिगरा, भेलूपुर, लंका और सारनाथ हैं बड़े हब
इसमें कई ऐसे कैफे और फैमिली रेस्तरां शामिल हैं, जहां रात 8 बजे के बाद हुक्का बार का संचालन शुरू हो जाता है। देखा जाए तो सिगरा, भेलूपुर, लंका और सारनाथ इसका सबसे बड़ा हब है। बता दें कि पिछले साल अकेले सिगरा में 16 हुक्का बार पकड़े गए। खासकर स्कूल-कॉलेज के आसपास ये धंधा चलता है। इनका आसान टारगेट छात्र होते हैं।
कोर्ट ने क्या कहा
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि 2008 के सार्वजनिक धूम्रपान निषेध नियमों के 2017 संशोधन के नियम 4(3) के तहत किसी भी धूम्रपान क्षेत्र में किसी भी प्रकार की सेवा की अनुमति नहीं है। न्यायालय ने माना कि हुक्का तैयार करना, कोयला जलाना, राख साफ करना और तंबाकू बदलना स्वाभाविक रूप से सेवा का गठन करता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि गैर-धूम्रपान करने वालों का स्वच्छ हवा में सांस लेने का अधिकार व्यापारिक हितों से ऊपर है। एक घंटे के हुक्के में लगभग 200 कश लगते हैं, जो 100 सिगरेट पीने के बराबर है।
तेज होगी कार्रवाई: सीपी
हुक्का बार को लेकर कोई भ्रम न रहे। स्मोकिंग जोन और सेल्फ सर्विस जैसे कोई बहाने अब नहीं चलेंगे। हालांकि, इनके खिलाफ पहले से अभियान चल रहा है, अब और तेज कार्रवाई की जाएगी।
— मोहित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त
रिपोर्ट: विजय कुमार वाराणसी
जन जन की आवाज न्यूज़ 24

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