वाराणसी में बारिश के बाद कीचड़ और गंदगी का अंबार, राहगीर परेशान
वाराणसी। धर्मनगरी काशी में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश से गर्मी और उमस से राहत जरूर मिली, लेकिन शहर के कई इलाकों में जलजमाव के बाद सड़क और गलियों में कीचड़, मलबे और गंदगी की समस्या सामने आ गई है।
गोदौलिया, लंका, मैदागिन, पांडेयपुर और शिवपुर सहित कई व्यस्त इलाकों के साथ काशी की संकरी गलियों में भी बारिश का पानी भर गया। पानी उतरने के बाद सड़कों पर कीचड़ की मोटी परत जम गई। कई स्थानों पर सीवर ओवरफ्लो होने से स्थिति और खराब हो गई है। बदबूदार पानी और गंदगी के कारण राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
विश्वनाथ धाम, दशाश्वमेध घाट सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं को भी कई स्थानों पर कीचड़ और जलजमाव के बीच से गुजरना पड़ रहा है। इससे फिसलने और चोट लगने का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जगह-जगह जमा कचरे और ठहरे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। लोगों ने डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों की आशंका जताते हुए जल्द सफाई, चूना और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव तथा जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी का पद लंबे समय से खाली होने का दावा
सफाई व्यवस्था से जुड़े सवालों के बीच काशीवार्ता टीम की पड़ताल के अनुसार, नगर निगम में नगर स्वास्थ्य अधिकारी का पद करीब आठ महीने से खाली बताया जा रहा है। फिलहाल व्यवस्था जोनल स्वास्थ्य अधिकारियों के भरोसे संचालित होने की बात सामने आई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पूर्णकालिक नगर स्वास्थ्य अधिकारी की तैनाती नहीं होने से सफाई व्यवस्था पर विभागीय नियंत्रण प्रभावित हो रहा है।
वहीं, रामनगर की रामलीला के साथ शहर के विभिन्न वार्डों में भी रामलीला का मंचन शुरू हो चुका है। ऐसे में रामलीला स्थलों तक जाने वाले रास्तों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से बारिश के बाद जमा कीचड़ व कचरे को तत्काल हटाने तथा प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावी सफाई अभियान चलाने की मांग की है।
रिपोर्ट: विजय कुमार, वाराणसी
जन-जन की आवाज़ न्यूज़ 24

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