UPI पर MDR को लेकर व्यापार मंडल की चिंता, प्रधानमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन
जन-जन की आवाज़ न्यूज़ 24 रामपुर
ब्यूरो चीफ: रफीउल्लाह खान रिपोर्ट
रामपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा के नेतृत्व में व्यापारियों ने जिला अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन भेजकर 15 अक्टूबर 2026 से प्रस्तावित ₹2,000 से अधिक के कुछ व्यापारी-आधारित UPI लेन-देन पर MDR लागू होने की व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग की।
ज्ञापन में जिला अध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि देश में डिजिटल पेमेंट व्यवस्था को जन-जन तक पहुंचाने में UPI ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे आम नागरिकों, व्यापारियों, ग्राहकों और छोटे दुकानदारों के लिए भुगतान प्रक्रिया पहले की अपेक्षा अधिक सरल और तेज हुई है। व्यापार जगत भी डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में लगातार सहयोग करता रहा है।
उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के कुछ व्यापारी-आधारित UPI लेन-देन पर MDR लागू होने की प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर छोटे, मध्यम और फुटकर व्यापारियों के बीच व्यावहारिक चिंता है। किराना, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, हार्डवेयर, दवा, ऑटो पार्ट्स और अन्य छोटे व्यापारों में कई बार ग्राहक का भुगतान ₹2,000 से अधिक होता है, जबकि व्यापारी का लाभ मार्जिन सीमित रहता है।
व्यापार मंडल ने कहा कि अतिरिक्त शुल्क छोटे व्यापारियों की लागत बढ़ा सकता है। व्यापारियों के अनुसार इसका प्रभाव आगे चलकर उपभोक्ताओं तक भी पहुंचने की संभावना रहती है। साथ ही डिजिटल भुगतान की गति और छोटे व्यापारियों की प्रतिस्पर्धी क्षमता पर भी असर पड़ने की आशंका व्यक्त की गई।
व्यापार मंडल की प्रमुख मांगें
व्यापार मंडल ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि—
- छोटे, मध्यम एवं फुटकर व्यापारियों पर MDR के प्रभाव का व्यापक अध्ययन किया जाए।
- छोटे एवं फुटकर व्यापारियों के लिए UPI भुगतान को शुल्क मुक्त रखने के विकल्प पर विचार किया जाए।
- केवल UPI से प्राप्त मासिक राशि के आधार पर सीमा निर्धारित करने के बजाय व्यापारी के वास्तविक व्यापारिक स्वरूप और प्रकृति को भी ध्यान में रखा जाए।
- यदि किसी श्रेणी में MDR व्यवस्था आवश्यक हो तो छोटे व्यापारियों को पर्याप्त संरक्षण दिया जाए।
- ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे डिजिटल भुगतान मजबूत रहे और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
- 15 अक्टूबर 2026 से प्रस्तावित व्यवस्था लागू करने से पहले प्रमुख व्यापारी संगठनों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाए।
- डिजिटल भुगतान व्यवस्था की सरलता, विश्वसनीयता और मजबूती को बनाए रखा जाए।
व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य डिजिटल भुगतान व्यवस्था का विरोध करना नहीं है, बल्कि छोटे एवं फुटकर व्यापारियों की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संतुलित व्यवस्था की मांग करना है।
ज्ञापन में कहा गया कि UPI ने देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसलिए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे डिजिटल इंडिया के उद्देश्यों को मजबूती मिले और छोटे व्यापारियों के हित भी सुरक्षित रहें।
इस दौरान शाहिद शमसी, शोएब मोहम्मद खान, वाजिद अली, इमरान सलीम, हारिस शम्सी, बिलाल शम्सी, खान गप्पल भाई, मुराद खान, प्रदीप खंडेलवाल, राम गुप्ता, शकेब अहमद, उजैर अहमद, जगन्नाथ चावल, नासिर खान, फैसल हबीब, चंद्र प्रकाश रस्तोगी, अनिल अरोड़ा, अवतार सिंह, काशिफ खान, मुकेश आर्य, पुष्कर अग्रवाल, ऋषि जमाल सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।

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