ढेरही टोल विवाद: 'रोड नहीं तो टोल नहीं' के नारे पर उतरे किसान, पुलिस-प्रदर्शनकारियों में झड़प
चोलापुर । वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग पर ढेरही टोल प्लाजा के विरोध में बुधवार को पूर्वांचल किसान संगठन के आह्वान पर प्रस्तावित महाधरने को लेकर चोलापुर क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही। किसान संगठनों ने 'रोड नहीं तो टोल नहीं' का नारा देते हुए अधूरी सड़क पर टोल वसूली बंद करने की मांग की है।
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16 किमी सड़क अधूरी, फिर भी टोल वसूली का आरोप
किसान संगठन की ओर से आरोप लगाया गया है कि वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग का करीब 16 किलोमीटर हिस्सा अभी अधूरा है और जगह-जगह सड़क खराब है, इसके बावजूद टोल वसूला जा रहा है। संगठन का कहना है कि पूर्व में ढेरही टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले ग्रामीणों को आधार दिखाने पर टोल से राहत देने की बात हुई थी, लेकिन वर्तमान में ग्रामीणों और स्कूल बसों से भी टोल वसूले जाने की शिकायत मिल रही है।
65 किसान नेता हाउस अरेस्ट, छावनी में तब्दील हुआ इलाका
महाधरने से पहले किसान संगठन की ओर से चोलापुर, केराकत और चंदवक क्षेत्र के करीब 65 किसान संगठन नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने की सूचना दी गई। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रशासन के दबाव के चलते बड़ी संख्या में किसान नेता ढेरही टोल प्लाजा तक नहीं पहुंच सके। हालांकि बाद में किसान संगठन के अध्यक्ष अजीत सिंह अन्य नेताओं के साथ ढेरही टोल प्लाजा पहुंच गए।
पुलिस-किसानों में झड़प, लाठीचार्ज में कई घायल
ढेरही टोल प्लाजा पर किसान नेताओं के साथ स्थानीय लोगों के पहुंचने के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झड़प हुई। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए बल प्रयोग किया, भीड़ के बढ़ते दबाव को देखते हुए उन्हें नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा। किसान संगठन की ओर से दावा किया गया है कि लाठीचार्ज में कई लोगों को चोटें आई हैं। घटना के बाद मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई थी। इस दौरान कई नेताओं को हिरासत में लेकर अन्यत्र ले जाया गया है।
12 थानों की फोर्स तैनात, ड्रोन से निगरानी
टोल प्लाजा और आसपास के क्षेत्र में वाराणसी जिले के करीब 12 थानों की पुलिस फोर्स तैनात किए जाने की जानकारी है। इसमें चौबेपुर, मंडुवाडीह, लोहता, लक्सा, जैतपुरा, शिवपुर, सिगरा, लालपुर-पांडेयपुर, सारनाथ, सिंधोरा और राजा तालाब समेत अन्य थानों की फोर्स शामिल है। मौके पर पीएसी, महिला पुलिस बल तथा पिंडरा, फूलपुर और चोलापुर थाने की पुलिस भी तैनात की गई है। पुलिस द्वारा ड्रोन से निगरानी की जा रही है। मौके पर एडीएम प्रोटोकॉल, वरुणा जोन के एडीसीपी तथा एसीपी स्तर के अधिकारी भी मौजूद बताए गए।
दो साल से उठाया जा रहा मुद्दा
किसान संगठन के अध्यक्ष अजीत सिंह के अनुसार पिछले करीब दो वर्षों से टोल हटाने और अधूरे मार्ग पर टोल वसूली बंद करने की मांग को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन दिए जाते रहे हैं। संगठन की ओर से बताया गया कि 4 सितंबर को जिलाधिकारी वाराणसी को पत्र देकर अधूरी सड़क पर टोल वसूली रोकने की मांग की गई थी। किसान संगठन के मंत्री रोहित सिंह के साथ भी इस मुद्दे पर वार्ता हुई थी और 15 दिन का समय लिया गया था। इसके बाद 29 सितंबर को एसडीएम सदर, एसडीएम केराकत, एसीपी चोलापुर, एसीपी केराकत और किसान संगठन के बीच वार्ता हुई, लेकिन संगठन के अनुसार वार्ता विफल रही।
सांसद, एमएलसी और विधायक के समर्थन का दावा
किसान संगठन की ओर से बताया गया कि धरने को स्कूल प्रबंधन के अलावा चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह, एमएलसी अन्नपूर्णा और अजगरा विधायक त्रिभुवन राम का समर्थन प्राप्त है। संगठन ने अधूरे मार्ग के कारण ग्रामीणों से टोल न वसूलने की मांग को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को भी पत्र दिए जाने की बात कही। दानगंज, चोलापुर और धरसौना के व्यापार मंडलों के समर्थन का भी संगठन ने दावा किया है।
टोल प्लाजा की जगह को लेकर भी सवाल
किसान संगठन की ओर से बताया गया कि वर्तमान ढेरही टोल प्लाजा के लिए मोढ़ैला में मनोज कुमार पांडेय की जमीन पर करीब डेढ़ बीघा भूमि लिए जाने की बात हुई थी। उस समय सड़क निर्माण पूरा होने के बाद उसी भूमि पर स्थायी टोल प्लाजा बनाए जाने की बात हुई थी, जबकि वर्तमान में प्रशासन की ओर से जहां टोल प्लाजा संचालित है, वहीं उसके बने रहने की बात कही जा रही है।
प्रशासन का रुख
एसीपी पिंडरा ने बताया कि किसानों को धरना स्थल उपलब्ध कराया गया है, लेकिन टोल प्लाजा जाम करने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति में कार्रवाई की जाएगी।
विजय कुमार वाराणसी
जन जन की आवाज न्यूज़ 24

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