महिला सुरक्षा के कानून कागजों तक सीमित?
प्रताड़ना से परेशान महिला ने लगाई न्याय की गुहार
पति और ससुराल पक्ष पर मारपीट, गाली-गलौज व प्रताड़ना के आरोप; शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का दावा
बैतूल/चिचोली। महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कई कानून और योजनाएं संचालित की जा रही हैं। महिला हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, जनसुनवाई और हेल्पलाइन 181 जैसी व्यवस्थाएं भी उपलब्ध हैं। हालांकि, इन व्यवस्थाओं का लाभ जरूरतमंद महिलाओं तक कितना पहुंच रहा है, यह सवाल चिचोली थाना क्षेत्र से सामने आए एक मामले ने खड़ा किया है।
बैतूल जिले के मलाजपुर निवासी कविता पति प्रकाश अडजरिया ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर पिछले तीन-चार वर्षों से कथित रूप से मारपीट, गाली-गलौज और मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना करने के आरोप लगाए हैं।
पीड़िता के अनुसार उसका विवाह करीब 11 वर्ष पूर्व टीकमगढ़ जिले की लिधौरा तहसील अंतर्गत ग्राम खरों निवासी प्रकाश पिता छोटेलाल अडजरिया के साथ हुआ था। विवाह के बाद वह घर-जंवाई के रूप में मलाजपुर में रहने लगी। दंपती का करीब 10 वर्षीय पुत्र भी है।
महिला का आरोप है कि विवाह के शुरुआती वर्षों में पारिवारिक जीवन सामान्य रहा, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से पति प्रकाश, सास उषा, ननद पूजा सहित ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों द्वारा कथित रूप से उसके साथ मारपीट, गाली-गलौज और प्रताड़ना की जाती रही। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट की घटनाओं में उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आईं।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
पीड़िता का दावा है कि उसने मामले की शिकायत टीकमगढ़ जिले के लिधौरा थाने में की थी, लेकिन उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। महिला के अनुसार उसने अपनी समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन उसे अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी।
इसके बाद पीड़िता ने बैतूल पुलिस अधीक्षक कार्यालय, चिचोली थाना प्रभारी तथा कलेक्टर कार्यालय में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। महिला का कहना है कि लगातार शिकायतें और आवेदन देने के बावजूद अभी तक उसे न्याय नहीं मिल पाया है।
बेटे की पढ़ाई और पालन-पोषण Null चिंता
पीड़िता ने बताया कि उसके साथ उसका 10 वर्षीय पुत्र भी है। ऐसे में उसे बेटे की पढ़ाई, पालन-पोषण और रोजमर्रा के खर्च को लेकर भी चिंता बनी हुई है। महिला ने संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और उसे सुरक्षा एवं न्याय दिलाने की मांग की है।
महिला सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
सरकार की ओर से महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए विभिन्न कानून, हेल्पलाइन तथा सहायता केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। ऐसे में यदि किसी महिला को शिकायत के बाद भी बार-बार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ें, तो महिला सुरक्षा व्यवस्था की जमीनी स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। संबंधित पुलिस एवं प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्ट: जितेंद्र कुमार, बैतूल
जन-जन की आवाज़ न्यूज़ 24





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