26 साल बाद बना दुर्लभ संयोग, एक ही दिन हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी
14 सितंबर को तीजा व्रत के साथ होगी श्री गणेश की स्थापना, 11 दिन विराजेंगे गणपति बप्पा
दुर्गेश यादव, मध्यप्रदेश हेड
जन जन की आवाज न्यूज़ 24
बैतूल/आठनेर। मध्यप्रदेश मीडिया संगठन मध्यप्रदेश उपाध्यक्ष सुनील रघुवंशी के अनुसार इस बार भाद्रपद मास में 26 साल बाद एक दुर्लभ धार्मिक संयोग बन रहा है। 14 सितंबर 2026 को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन मनाई जाएगी। तिथियों के इस विशेष संयोग के कारण श्रद्धालुओं में पर्व को लेकर खास उत्साह है। गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी और गणपति बप्पा 11 दिनों तक विराजेंगे।
हरतालिका तीज हिंदू धर्म के प्रमुख व्रतों में शामिल है। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं। वहीं गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की स्थापना कर प्रथम पूज्य गणपति की आराधना की जाती है।
आमतौर पर गणेश चतुर्थी, हरतालिका तीज के अगले दिन आती है। लेकिन वर्ष 2026 में पंचांग की तिथियों के विशेष संयोग के कारण दोनों पर्व एक ही तारीख को पड़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले ऐसा संयोग वर्ष 2000 में बना था।
सुबह तृतीया के बाद शुरू होगी चतुर्थी
नगर के महंत पंडित मनोज जी जोशी ने बताया कि ज्योतिषीय गणना के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 14 सितंबर को सुबह 7:06 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारंभ होगी। इसी कारण एक ही दिन हरतालिका तीज का व्रत और गणेश चतुर्थी का पर्व पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि तीजा व्रत की पारंपरिक विधि के अनुसार व्रत का पारण पंचमी तिथि में किया जाएगा। वहीं गणेश चतुर्थी के अवसर पर घरों और सार्वजनिक पंडालों में गणपति प्रतिमाओं की स्थापना कर पूजा-अर्चना की जाएगी।
विशेष संयोग के चलते इस वर्ष गणेशोत्सव और हरतालिका तीज दोनों पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाए जाने की तैयारी है।




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