रामनगर की विश्वप्रसिद्ध रामलीला 25 सितंबर से
द्वितीय गणेश पूजन के साथ हुई औपचारिक शुरुआत
रामनगर (वाराणसी)। काशी की विश्वप्रसिद्ध रामनगर रामलीला की औपचारिक शुरुआत सोमवार को गणेश चतुर्थी के दिन शाम पांच बजे रामनगर के चौक चौराहे स्थित रामलीला पक्की पर द्वितीय गणेश पूजन के साथ हुई।
रामलीला के व्यास रामनारायण पांडेय और शांत नारायण पाण्डेय ने विधि-विधान एवं परंपरानुसार भगवान गणेश का पूजन संपन्न कराया। इस दौरान रामलीला मंत्री डा. जय प्रकाश पाठक यजमान के रूप में पूजा में शामिल हुए।
पूजन के दौरान हनुमान के मुखौटे, रामचरितमानस की पोथी, रामलीला में बोले जाने वाले संवाद की पुस्तिका सहित सिंहासन पर विराजमान भगवान गणेश की पूजा की गई। इसके साथ ही रामलीला के मुख्य पांच स्वरूपों का भी पूजन किया गया। रामायणियों को तिलक लगाकर माला पहनाई गई।
इसके बाद रामायणियों ने गणेश वंदना का गायन किया और रामचरितमानस के सात दोहों का पाठ किया। इसी के साथ रामलीला पक्की पर रामायण का गायन शुरू हो गया।
रामचरितमानस के बालकांड के 175 दोहों का आगामी दस दिनों तक प्रतिदिन रात्रि में रामायणियों द्वारा गायन किया जाएगा। इनमें उन दोहों का गायन किया जाता है, जिनका रामलीला में मंचन नहीं किया जाता।
25 सितंबर से रामलीला का मंचन शुरू होगा। रामलीला का शुभारंभ रामचरितमानस के 176वें दोहे से किया जाएगा।
इस अवसर पर सम्पत शर्मा व्यास, शांत नारायण पाण्डेय, हृदय नारायण पाण्डेय, योगेन्द्र पाठक, उमेश पाठक, संतोष पाण्डेय, शिवदत्त व्यास, अरुण मिश्रा, चंदशेखर शर्मा, विक्की उपाध्याय, उमेश गुरु और दयाशंकर प्रजापति सहित बड़ी संख्या में रामलीला प्रेमी मौजूद रहे।
रिपोर्टर — विजय कुमार
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