होर्मुज संकट के बाद भारत का बड़ा फैसला, अमेरिका बना सबसे बड़ा LPG सप्लायर
होर्मुज संकट के बाद भारत की ऊर्जा रणनीति में बड़ा बदलाव, अमेरिका बना सबसे बड़ा LPG सप्लायर
नई दिल्ली। होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा हुए संकट के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति को लेकर रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक, अमेरिका अब भारत के लिए सबसे बड़ा LPG सप्लायर बन गया है। भारत की कुल LPG जरूरत का करीब 67 प्रतिशत हिस्सा अब अमेरिका से आयात किया जा रहा है।
जुलाई में LPG आयात मजबूत
प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार जुलाई में भारत ने करीब 2.1 मिलियन टन LPG का आयात किया। सरकार का कहना है कि देश में LPG की उपलब्धता पर्याप्त बनी हुई है और संकट के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं को किसी बड़े संकट का सामना नहीं करना पड़ा।
होर्मुज संकट के बावजूद ईंधन की कमी नहीं
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि मिडिल ईस्ट में तनाव और होर्मुज मार्ग पर पैदा हुई चुनौती के बावजूद देश में LPG, पेट्रोल और डीजल की कमी नहीं होने दी गई।
संकट से पहले भारत अपने आयात का बड़ा हिस्सा होर्मुज मार्ग के जरिए करता था। इनमें करीब 50 प्रतिशत कच्चा तेल, 90 प्रतिशत LPG और 60 प्रतिशत अन्य गैस शामिल थी। संकट के बाद भारत ने वैकल्पिक देशों से आयात बढ़ाया और घरेलू उत्पादन को भी बढ़ावा दिया।
मंत्री के अनुसार देश के 1.07 लाख से अधिक पेट्रोल पंपों में से किसी भी फ्यूल आउटलेट को ईंधन की कमी के कारण बंद नहीं होना पड़ा।
27 से बढ़कर 41 देशों से कच्चे तेल का आयात
ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारत ने कच्चे तेल के आयात के स्रोतों में भी विविधता बढ़ाई है। अब भारत 27 के बजाय 41 देशों से कच्चा तेल आयात कर रहा है।
इसके अलावा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को भी 55 से बढ़ाकर 309 भौगोलिक क्षेत्रों तक विस्तार दिया गया है। सरकार के मुताबिक भारत ने करीब 60 दिनों का रणनीतिक कच्चा तेल भंडार भी बनाए रखा है।
84 हजार करोड़ की ‘समुद्र मंथन’ योजना
दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के लिए सरकार ने 84,000 करोड़ रुपये की ‘समुद्र मंथन’ योजना को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य देश के गहरे समुद्री क्षेत्रों में तेल और प्राकृतिक गैस की खोज को बढ़ावा देना है।
योजना के तहत निजी कंपनियों को ऑफशोर ड्रिलिंग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार जोखिम वाले प्रोजेक्ट्स में निवेश बढ़ाने के लिए प्रति कुएं 650 करोड़ रुपये तक या ड्रिलिंग लागत का 50 प्रतिशत तक आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है।
ऊर्जा सुरक्षा पर भारत का फोकस
होर्मुज संकट ने भारत के सामने समुद्री मार्गों पर अत्यधिक निर्भरता की चुनौती को उजागर किया है। ऐसे में वैकल्पिक देशों से आयात बढ़ाना, घरेलू उत्पादन को मजबूत करना और रणनीतिक भंडार बनाए रखना भारत की नई ऊर्जा रणनीति के अहम हिस्से बनते जा रहे हैं।
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